Pope Francis ने समलैंगिक समुदाय से मांगी माफी, Expectation of increased inclusivity in Catholic Church by 2024

कैथोलिक चर्च के वर्तमान प्रमुख और ईसाईयो के सबसे बड़े धर्म गुरु ‘ Pope Francis ‘ पोप फ्रांसिस समलैंगिक समुदाय से माफ़ी मांगी है ,

 Pope Francis
Pope Francis Vatican City

Pope Francis पिछले हप्ते इटली में थे, वहां उन्होंने एक बंद कमरे में इटालियन बिशपों के साथ बैठक में समलैंगिक लोगों पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। अब उन्होंने एक बयान जारी करके माफी मांगी है। वेटिकन सिटी के प्रवक्ता माटेओ ब्रूनी ने कहा,”पोप का कभी भी खुद को समलैंगिकता विरोधी शब्दों में अपमानित करने या व्यक्त करने का इरादा नहीं था, और वह उन लोगों से माफी मांगते हैं आप को बता दे कथित रूप से इस अपमानजनक टिप्पणी को इटली की मीडिया ने व्यापक रूप से प्रकाशित किया था।

Pope Francis पर मीडिया ने लगाया था आरोप

इटली के दो प्रमुख मीडिया संस्थानों ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है।कि पोप फ्रांसिस ने कहा कि धार्मिक संस्थानों या सेमिनरीज में समलैंगिक लोगों की संख्या बहुत अधिक है। इस बयान में पोप फ्रांसिस ने समलैंगिकों के लिए इटैलियन भाषा के शब्द का इस्तेमाल किया, जिसे इटैलियन भाषा में बेहद आपत्तिजनक माना जाता है।

 Vatican City के प्रवक्ता के जरिये आया Pope ने दी सफाई

लेकिन अब Vatican City के प्रवक्ता ने कहा, “कोई भी बेकार नहीं है, कोई भी जरूरत से अधिक नहीं है,  समलैंगिकों के प्रति सहानुभूति रखते है पोप फ्रांसिस ,  87 वर्षीय पोप फ्रांसिस को रोमन कैथोलिक चर्च में समलैंगिकों के प्रति उदार रवैया रखने के लिए जाना जाता है,लेकिन अब उनपर समलैंगिकों के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल करने का आरोप लगा है।  2013 में पोप फ्रांसिस ने कहा,”अगर कोई व्यक्ति समलैंगिक है और भगवान की शरण में आता है तो ये भगवान की मर्जी है और मैं इसका फैसला करने वाला कौन हूँ।”बीते साल ही, उन्होंने चर्च के पुजारियों को कहा था कि वे समलैंगिक जोड़ों को भी प्रोत्साहित करें।

Italian media रिपोर्ट्स के अनुसार घटना 20 मई की है, जब पोप फ्रांसिस इटली के बिशप की कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे उसी कॉन्फ्रेंस में  पोप फ्रांसिस ने इटैलियन बिशप्स के साथ बंद दरवाजों के पीछे बैठक की। उस सभा में उन्होंने समलैंगिक लोगों के लिए इटैलियन में एक आपत्तिजनक शब्द कहा।

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