Periyar University के कुलपति को सेवा विस्तार न देने की CM और राजयपाल से मांग , भ्रस्टाचार का हैं गंभीर आरोप

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Periyar University  के कुलपति को सेवा विस्तार न देने की मांग को लेकर पेरियार विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के संघ ने तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि और मुख्यमंत्री स्टालिन को ज्ञापन सौंपा है। उन पर अनुसूचित जाति के लोगों के लिए आरक्षण नियमों का उल्लंघन और विश्वविद्यालय में निजी कंपनी शुरू करने जैसे भ्रष्टाचार के मामले में भी उनकी गिरफ्तारी हुई थीं ,

Periyar
Periyar University ,Dr R Jagannathan

Periyar University के कर्मचारि संघ ने इस संबंध में कहा कि सेलेम पेरियार विश्वविद्यालय के कुलपति का पद 30 जून को समाप्त हो जाएगा, वर्तमान परिस्थितियों में, वे अपने कार्यकाल को फिर से बढ़ाने की सक्रिय कोशिश कर रहे हैं। उन पर कई अनियमितताओं में शामिल होने के आरोप हैं, जिनमें तमिलनाडु सरकार के रजिस्ट्रार को बर्खास्त करने के आदेश की अवहेलना और निजी कंपनी को विश्वविद्यालय में शुरू करना और अनुसूचित जाति के लोगों के लिए आरक्षण नियमों का उल्लंघन शामिल है। भ्रष्टाचार के मामले में भी उनकी गिरफ्तारी हो चुकी ऐसे में उन्हें सेवा देना अनुचित है।

साथ ही,तमिलनाडु के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को विश्वविद्यालय शिक्षक संघ और कर्मचारी संघ ने कई शिकायतें दी हैं। संघ की मांग है तमिलनाडु सरकार को कुलपति के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की आदेश देनी चाहिए। भ्रष्टाचार के आरोपों में लिप्त कुलपति को सेवा विस्तार नहीं मिलना चाहिए। जल्द ही एक निष्पक्ष, ईमानदार कुलपति की नियुक्ति की जानी चाहिए।

 Periyar University के कुलपति Dr R Jagannathan जमानत पर है बाहर ?

उन पर आरोप है की उन्होंने निजी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन बनाने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाए और सरकारी धन और अधिकारियो का उपयोग  अपने निजी संस्थानों में किया। पेरियार विश्वविद्यालय के कुलपति जगनाथन को कुछ महीनों पहले सेलम पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था।

सेलम के पेरियार विश्वविद्यालय में एक संस्थान, “बूटर फाउंडेशन,” ने कई लोगों को शेयर देकर एक निजी कंपनी की शुरुआत की कुलपति जगनाथन को गिरफ्तार कर लिया गया क्योंकि वे सरकारी कर्मचारी थे और फिर भी व्यापारिक संस्थान में शेयरधारक थे, साथ ही, सेलेम पेरियार विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के कोटे में 2.66 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था, जिसके बारे में पीड़ित विद्यार्थियों ने सेलम नगर पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत की थी। कुलपति जगनाथन को धोखाधड़ी और अनियमितता के मामलों में सेलेम नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।

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